Prabhat Books
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अकतूबर 2020

IS ANK MEN

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संपादकीय

फेसबुक लाइव...वेबिनार
जिन्होंने साहित्य‌िक आयोजन किए हैं, उन्हें आयोजन में होनेवाली विविध प्रकार की चुनौतियों, समस्याओं का खूब पता होगा। ...और आगे

प्रतिस्मृति

दुर्गा का मंदिर
यह कहानी पूर्णतः हिंदू-समाज के परंपरागत नैतिक विश्वास पर आधारित है। ...और आगे

कहानी

मुलायम चारा मुलायम चारा
ड्राइवर नया था और रास्ता भूल रहा था। मैंने कोई आपत्ति न की। ...और आगे

आलेख

कश्मीर के इतिहास में रिंचन भोट की भूमिका कश्मीर के इतिहास में रिंचन भोट की भूमिका
कश्मीर के इतिहास में रिंचन भोट की बहुत चर्चा होती है। ...और आगे

लघुकथा

कोरोना पर पाँच लघुकथाएँ कोरोना पर पाँच लघुकथाएँ
कोरोना वायरस के कारण चिकित्सकों के लिए कई बाध्यताएँ लागू हो गईं। ...और आगे

कविता

जाग उठे है हम फिर से जाग उठे है हम फिर से
मंजिल अपनी दूर नहीं है मंजिल अपनी दूर नहीं है। हार हमें मंजूर नहीं है। ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

कोरोना के आयाम कोरोना के आयाम
नेहरूजी के समय उन्नीस सौ बासठ तक हिंदी-चीनी भाई-भाई थे यकायक बाॅर्डर पर युद्ध के हालात बनने लगे। ...और आगे

व्यंग्य

लेखक का लॉकडाउन, लॉकडाउन में लेखन लेखक का लॉकडाउन, लॉकडाउन में लेखन
कोरोनाकाल में समाचार और आँकड़े बताते रहे कि कोरोना है, ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

शुद्ध श्वेत पन्ने में शुद्ध श्वेत पन्ने में
मैं, लगता है हमेशा कि वह हूँ हम नहीं अलग-अलग उसकी बातचीत, आचार-विचार सबकुछ मेरे ही जैसे ...और आगे

रिपोर्ताज

आफत भरे दिन आफत भरे दिन
पहले दो दिन तो आसन्न संकट के साये में ठीक-ठाक गुजरे, लेकिन तीसरे दिन कयामत बरपा हो गई। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

कोरोना-चिल्ला कोरोना-चिल्ला
तीन हफ्ते हो चुके हैं जॉन को घर छोड़े हुए। वह एक कैरावैन में किराए पर रह रहा है, ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

देशभक्तों का तीर्थ : अंडमान-निकोबार देशभक्तों का तीर्थ : अंडमान-निकोबार
हम सभी की जिंदगी में कुछ ऐसे पल या दिन अवश्य आते हैं, जो कभी भुलाए नहीं भूलते। ...और आगे