Prabhat Books
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संपादकीय

संवेदनशील बने ‘सिस्टम’ संवेदनशील बने ‘सिस्टम’
लक्ष्मी शंकर वाजपेयी पिछले दिनों विदिशा (मध्य प्रदेश) से आया एक वीडियो लाखों लोगों की चिंता का विषय बना। वीडियो का दृश्य अनेक अखबारों में भी प्रकाशित हुआ। इस वीडियो में एक टूटा हुआ पुल है। पुल के स्तंभों के बीच तीन-चार फीट की दूरी है। नीचे बेतवा नदी पूरे उफान पर है। ...और आगे

प्रबंध-संपादकीय

आत्मकथा/बायोग्राफी की  बढ़ती लोकप्रियता आत्मकथा/बायोग्राफी की बढ़ती लोकप्रियता
पीयूष कुमार साहित्य में लेखक प्रायः अपने अनुभवों, स्मृतियों और संबंधों से प्रेरणा लेते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लेखन की एक ऐसी विधा तेजी से लोकप्रिय हुई है, जिसमें लेखक अपने वास्तविक जीवन को केवल प्रेरणा के रूप में नहीं अपनाता, बल्कि उसे कथा का मुख्य आधार बना देता है। ...और आगे

प्रतिस्मृति

राजनीति की शवयात्रा राजनीति की शवयात्रा
अवध नारायण मुद्गल (२८ फरवरी, १९३६—१५ अप्रैल, २०१५) चौधरी जॉन मोहम्मद करतार सिंह शर्मा आज ही दिल्ली घूमने हिंदुस्तान आए हैं। मुझे अजीब और अच्छे लगे, इसलिए दोस्ती कर ली। ...और आगे

कहानी

राखी के रंग, प्यार के संग राखी के रंग, प्यार के संग
मंजरी शुक्ला सुपरिचित बाल-साहित्यकार। अब तक विविध विषयों पर बाईस ऑपुस्तकें प्रकाशित। अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त। संप्रति विद्या भारती शिक्षा संस्कृति संस्‍थान कुरुक्षेत्र की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की सदस्य एवं आकाशवाणी, जबलपुर में उद्घोषक। ...और आगे

लघुकथा

हैप्पी बर्थडे
केदारनाथ सविता राजेंद्र प्रसाद उर्फ लल्लू एक ऐसे यूनियन लीडर का नाम है, जो चट्टान की तरह अपने साथियों की भलाई के लिए अधिकारियों के सामने अड़ जाते थे और काम कराकर ही हटते थे। वे प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के यूनियन के सेक्रेटरी थे।  ...और आगे

कविता

माँ माँ
शीलवंत सिंह मैं गिरा— उसने उठाया। मैं रोया— उसने अपने आँचल में छिपा लिया। मैं जीता— ...और आगे

आलेख

स्वतंत्रता दिवस और महिला विकास स्वतंत्रता दिवस और महिला विकास
भावना शेखर सुपरिचित लेखिका। अब तक आस्तिक दर्शनों में प्रतिपादित मीमांसा सिद्धांत, सत्तावन पँखुड़ियाँ, साँझ का नीला किवाड़, ...और आगे

ललित निबंध

जीवन का ककहरा, बोले खरा-खरा जीवन का ककहरा, बोले खरा-खरा
गोविंद गुंजन कवि-गीतकार एवं ललित निबंधकार। साहित्य की विविध विधाओं में सृजन। सी.बी.एस.ई. एवं पंजाब बोर्ड के पाठ‍्यक्रमों में निबंध शामिल। ‘प्रथम समांतर नवगीत अलंकरण’, ...और आगे

यात्रावृत्त

एकदा नैमिष्यारण्ये... एकदा नैमिष्यारण्ये...
पद्मकांत शर्मा साहित्यकार, कवि, संचालक, समीक्षक और स्तंभकार, ४५ वर्षों से साहित्य और पत्रकारिता में सक्रिय योगदान। आकाशवाणी और दूरदर्शन में वार्त्ताएँ आदि प्रसारित। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

(बांग्ला कहानी) मन की बीमारी (बांग्ला कहानी) मन की बीमारी
अनुवाद : दिलीप कुमार शर्मा ‘अज्ञात’ सुप्रसिद्ध बांग्ला लेखक श्री सुनील गंगोपाध्याय (०७ सितंबर, १९३४—२३ अक्तूबर, २०१२) ने लेखन की शुरुआत कविताओं से की। ...और आगे

व्यंग्य

पिछड़े लेखक की व्यथा-कथा पिछड़े लेखक की व्यथा-कथा
गिरीश पंकज साहित्य पत्रकारिता में पिछले पचास वर्षों से सक्रिय। तीस व्यंग्य-संग्रह, अठारह उपन्यासों सहित लगभग ११५ पुस्तकें प्रकाशित। हिंदी भवन नई दिल्ली द्वारा ‘व्यंग्यश्री’ सम्मान, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा ‘साहित्य भूषण’ सहित अन्य सम्मान। बीस खंडों में ‘गिरीश पंकज रचनावली’ प्रकाशित। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

रूसी हास्य-कथा जूते रूसी हास्य-कथा जूते
अनुवाद : ब्रजेश कृष्ण प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व में एम.ए., पीएच.डी.। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त। ...और आगे

लोक-साहित्य

रामचरितमानस में ‘जोहार’ :  लोक-संस्कृति का जीवंत सेतु रामचरितमानस में ‘जोहार’ : लोक-संस्कृति का जीवंत सेतु
शेफालिका सिन्हा सुपरिचित लेखिका। भूगोल में एम.ए. तथा बी.एड.। लंबे समय तक अध्यापन, अब सेवानिवृत्त। ‘ये बड़ी बात है’ कविता संकलन और एक ...और आगे

बाल-संसार

बंदर की सरकार बंदर की सरकार
सुमन बाजपेयी अब तक १३ कहानी-संग्रह सहित कुल ३३ पुस्तकें तथा १००० से अधिक कहानियाँ व लेख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। चिल्ड्रंस बुक ट्रस्ट (हिंदी विभाग) में बतौर संपादक कार्य व जागरण सखी, मेरी संगिनी, फोर्थ डी वूमेन नामक पत्रिकाओं में विभिन्न संपादकीय पदों पर कार्य। ...और आगे

आलेख

हिंदी दिवस : भाषा का उत्सव नहीं,  बौद्धिक ईमानदारी की परीक्षा हिंदी दिवस : भाषा का उत्सव नहीं, बौद्धिक ईमानदारी की परीक्षा
विजय दीक्षित प्रसिद्ध जर्नल्स द्वारा प्रकाशित, जिन्हें विश्व के लगभग सौ से अधिक शोध-पत्रों में उद्धरण किया जा चुका है। विगत पंद्रह वर्षों से मासिक पत्रिका ‘चाणक्य विचार’ के प्रबंधन से जुड़ाव, कुछ कविताओं का उड़िया में अनुवाद। ...और आगे

कविता

चार कविताएँ
कासम खान हाउस नं.-४७, सेक्टर-४८, फरीदाबाद-१२१००१ (हरि.) दूरभाष : ९०१३२६५२३१ ...और आगे

कहानी

माँ की सीख माँ की सीख
शंभू शरण सत्यार्थी देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। परिवर्तन स्मारिका, संदेश हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के उपसंपादक। ‘प्रखर गूँज’ मासिक पत्रिका में ‘सोंधी माटी’ स्तंभ का नियमित लेखन। सावित्रीबाई फुले पत्रिकारिता सम्मान प्राप्त। ...और आगे

बाल-संसार

देश हमें है प्यारा देश हमें है प्यारा
राकेश चक्र सुपरिचित कवि। विविध विधाओं में लगभग सौ पुस्तकें प्रकाशित। संस्कृति मंत्रालय के ‘बाल साहित्यश्री सम्मान’ सहित अन्य कई सम्मानों से सम्मानित। उ.प्र. पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग से सेवानिवृत्त। संप्रति एक्यूप्रेशर की निशुल्क चिकित्सा सेवा में रत। ...और आगे