Prabhat Books
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संपादकीय

महिला सशक्तीकरण : नए क्षितिज
कुछ दिनों पहले का समाचार था-३४ महिलाएँ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 'कोबरा कमांडो' बनेंगी। ...और आगे

प्रतिस्मृति

सरिता हो मेरा जीवन सरिता हो मेरा जीवन
विसर्जन निशा को धो देता राकेश चाँदनी में जब अलकें खोल, कली से कहता था मधुमास बता दो मधुमदिरा का मोल; बिछाती थी सपनों के जाल तुम्हारी वह करुणा की कोर, गई वह अधरों की मुसकान मुझे मधुमय पीड़ा में बोर; झटक जाता था पागल वात धूलि में तुहिन कणों के हार; सिखाने जीवन का संगीत तभी तुम आए थे इस पार! ...और आगे

कहानी

दृष्टि दृष्टि
"दरवाजा बंद कर लेना, स्कूल निकलने से पहले।" सीता अपने बेटे से बोलती हुई बाहर निकली। आजकल मौसम सुहाना था, इसलिए जल्दी चलने से पसीने से तर नहीं होती। ...और आगे

आलेख

आचार्य महाप्रज्ञ का कवि रूप आचार्य महाप्रज्ञ का कवि रूप
वर्ष २०२० आचार्य महाप्रज्ञ के जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया गया। आचार्य महाप्रज्ञ एक मुनि, एक संत, एक संन्यासी, एक दार्शनिक, एक चिंतक, एक विचारक, एक ऋषि के अतिरिक्त एक कुशल वक्ता और एक उत्कृष्ट कवि भी थे। ...और आगे

लघुकथा

आमने-सामने आमने-सामने
वह अच्छा विद्यार्थी था। बी.ए. ऑनर्स की कक्षा में वह छोटा, मासूम सा विद्यार्थी पढ़ने में भी ठीक-ठाक था। वैशिष्ट्य यह था कि वह बहुत अच्छी गजलें लिखता था। ...और आगे

कविता

कुछ मैंने सुना कुछ मैंने सुना
क्या कहा, क्या सुना? मंच पर थे हम दोनों श्रोताओं के सामने पेश करने के लिए नमूना संवाद-अदायगी की कला का कुछ मैंने कहा ...और आगे

लोक-साहित्य

फागुन, फाग, राग और कवि ईसुरी फागुन, फाग, राग और कवि ईसुरी
ऋतुओं में ऋतु वसंत और वसंत में भी फागुन माह के क्या कहने! इसी फागुन में रंगों का पर्व होली मनाया जाता है। ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

बुद्धिजीवी उदास क्यों हैं? बुद्धिजीवी उदास क्यों हैं?
जीवन की सच्चाई है। कोई भी इनसान सुखी नहीं है। दुखी होने के कई कारण हैं, धनवान को आयकर है, अन्य सरकारी विभाग हैं, जो हर प्रकार की वसूली के लिए उसकी ओर आकर्षित हैं। युवा, अधेड़, वृद्ध प्रतिद्वंद्वी हैं, जो बाजार पर हावी होने के प्रयास में हैं। ...और आगे

संस्मरण

साझी संस्कृति की समृद्ध धरोहर : जापान साझी संस्कृति की समृद्ध धरोहर : जापान
ऐसा अमूमन क्यों होता है कि कल्पना यदि मूर्तिमान होने लगती है तो चमत्कार पर विश्वास सा हो जाता है। २०१० में एक क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन में पहली बार टोक्यो और ओसाका जाने का शुभ अवसर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् द्वारा मिला। ...और आगे

पत्र

छत्तीसगढ़ी साहित्य में धर्म व अध्यात्म छत्तीसगढ़ी साहित्य में धर्म व अध्यात्म
पंसुंदरलाल शर्मा व केयूर भूषण के साहित्य में धर्म व अध्यात्म स्पष्ट दृष्टिगोचर है। पं. सुंदरलाल शर्मा ने पौराणिक आख्यानों के पात्रों को अपने साहित्य में स्थान दिया। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

'तुळु' भाषा की दो कविताएँ 'तुळु' भाषा की दो कविताएँ
बुढ़ापा रुग्ण मृत्यु को देख रो उठा सिद्धार्थ त्यागकर गाँव-घर जा बैठे तुम कानन में पीकर झरने का पानी खाया तुमने जंगल के फल बैठकर बरगद के नीचे तपस्या की शांतिमंत्र प्राप्त कर बने बुद्ध तुम जब बंद हुआ तुम्हारा रोना तब चमक उठी मुसकराहट तुम्हारे मुख पर। ...और आगे

‌‌विनोद-वार्ता

हास्यकवि की फागुनी बाइट हास्यकवि की फागुनी बाइट
चिर युवा हैं अपने पांडेजी। हास्य कविताई के शौकीन हैं। पूनम पांडे और चुलबुल पांडे के बीच के जीव हैं। खुले दिमाग के हैं। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

उसकी पहली उड़ान उसकी पहली उड़ान
समुद्री चिड़िया का बड़ा हो चुका बच्चा पत्थर के उठे हुए किनारे पर अकेला था। उसकी बहन और उसके दो भाई कल ही उड़कर जा चुके थे। ...और आगे

यात्रा-संस्मरण

राजस्‍थान के तीर्थ-दर्शन राजस्‍थान के तीर्थ-दर्शन
१३ मार्च, 2020, शुक्रवार की सायं को हम चार जन-मैं, मेरी श्रीमतीजी, बेटी रिचा तथा छोटा बेटा पीयूष चेतक एक्सप्रेस में सवार हुए और तड़के सवा पाँच बजे चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर उतर गए। ...और आगे

बाल-संसार

होली का त्योहार होली का त्योहार
मंकू बंदर और उसका टोल एक बार जंगल में मौज-मस्ती कर रहा था। अचानक उधर से हाथियों का एक दल अपनी मस्ती में झूमता हुआ आ धमका। ...और आगे