वैज्ञानिक चेतना से बात बनेगी
लक्ष्मी शंकर वाजपेयी
पिछले दिनों अखबारों में एक हृदयविदारक समाचार छपा। एक महिला ने अपनी बेटियों समेत कुएँ में कूदकर आत्महत्या कर ली। ...और आगे
प्रबंध-संपादकीय
AI और पुस्तक प्रकाशन का भविष्य
पीयूष कुमार
भारतीय प्रकाशन उद्योग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक अवसर है और चुनौती भी। भारत में हर वर्ष दर्जनों भाषाओं में हजारों पुस्तकें प्रकाशित होती हैं। ...और आगे
प्रतिस्मृति
बंद दराजों का साथ
मन्नू भंडारी
उसकी मेज बहुत बड़ी थी और तीन दराजों में बँटी हुई थी। बाईं ओर वाली दराज व्यक्तिगत थी, बीचवाली पारिवारिक और दाहिनी को चाहें तो सामाजिक कह लें। ...और आगे
कहानी
पतझड़ के आँसू
रामशरण गौड़
जाने-माने साहित्यकार एवं पत्रकार। ३५ कृतियाँ प्रकाशित एवं ११ संपादित कृतियाँ। इंद्रप्रस्थ भारती और गौरव घोष जैसी पत्रिकाओं का संपादन। ...और आगे
लघुकथा
उधार
कृति आर.के. जैन
माँ ने एक दिन हँसते-हँसते बेटी से कहा, “जानती हो, तुम पर मेरा बहुत उधार है?”
बेटी चौंकी, “उधार! मैंने कब लिया आपसे?” ...और आगे
आलेख
चैत की हवा
चंद्रकांता शर्मा
सुपरिचित लेखिका एवं पत्रकार। इनके लेख देश की छोटी-बड़ी पत्र-पत्रिकाओं में विगत चार दशक से प्रकाशित होते रहते हैं। इनकी पुस्तक ‘नूतन निबंध-चिंतन’ प्रकाशित। ...और आगे
कविता
बेटे विदा होते हैं !
प्रीति कुमारी
कैसा होता होगा जब कोई बेटा विदा हो जाता है
कमाने को कागज के टुकड़े कलेजा चीर कर जाता है ...और आगे
व्यंग्य
चोर कहलाने का सुख
रंदी सत्यनारायण राव
तुलसी भवन से ‘साहित्य सेवी अवार्ड’ तथा कृष्णा सिन्हा संस्थान से ‘व्यंग्य सम्राट्’ की पदवी प्राप्त। ‘चरण स्पर्श का पावन सुख’, ‘कुत्तों की खोज में भीड़तंत्र’, ‘हाय ये दिल’ (व्यंग्य), ‘अक्षर बोलते हैं...!’ ...और आगे
साहित्य का भारतीय परिपार्श्व
प्रत्यारोपण (मलयालम कहानी)
मूल:जिसा जोस
कॉलेज में प्राध्यापिका तथा मलयालम की प्रसिद्ध रचनाकारों में से एक हैं। संप्रति कुन्नामंगलम गवर्नमेंट आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज की प्रिंसिपल हैं। ...और आगे
ललित निबंध
आजा री चीड़ी बाई, भैया बुलाए
गोविंद गुंजन
कवि-गीतकार एवं ललित निबंधकार। साहित्य की विविध विधाओं में सृजन। सी.बी.एस.ई. एवं पंजाब बोर्ड के पाठ्यक्रमों में निबंध शामिल। ...और आगे
साहित्य का विश्व परिपार्श्व
नकली आभूषण (फ्रांसीसी कहानी)
मूल : गाय-द-मोंपासा
हेनरी रेना अल्बर्ट गाय-द-मोंपासा १९वीं शताब्दी के फ्रांसीसी लेखक थे, जिन्हें लघुकथा के एक मास्टर के रूप में स्मरण किया जाता है, ...और आगे
पुस्तक और पुस्तकालय : एक संस्मरण
श्याम किशोर पांडेय
सुपरिचित लेखक। एम.ए., पीएच.डी., आचार्य; सी.ए.आई.आई.बी.। कन्नड़ डिप्लोमा; पूर्व सहायक महाप्रबंधक (केनरा बैंक)। लेखक, फैकल्टी, अनुवादक एवं यात्री। ...और आगे
बाल-संसार
नाराजगी
उमेश कुमार चौरसिया
हिंदी व राजस्थानी के लेखक। अब तक कुल ५२ कृतियाँ प्रकाशित। बाल साहित्य की २७ कृतियों में १८ नाटक-संग्रह, दो बाल उपन्यास, तीन बालकथा-संग्रह और चार संपादित, ...और आगे
फ्री हेल्थ चेक-अप
महेंद्र तिवारी
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अब तक सैकड़ों लेख, कविताएँ और कहानियाँ प्रकाशित। संप्रति राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली में कार्यरत। ...और आगे
आलेख
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और राम के आयाम
मनीषा गिरी
नवोदित रचनाकार। अब तक ‘आधुनिक हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श’, ‘ख्वाबों में तुम’ (काव्य-संग्रह) तथा हिंदी की महत्त्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में शोध-आलेख एवं समीक्षाएँ प्रकाशित। ...और आगे
कविता
अकेली औरत
ममता कालिया
१९६३ से शुरू हुआ ममताजी का रचनात्मक सफर आज भी जारी है। अब तक उनकी ३६ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। ...और आगे