Prabhat Books
Prabhat Books

संपादकीय

देश की धड़कनों के साथ… देश की धड़कनों के साथ…
लक्ष्मी शंकर वाजपेयी दृश्य-१—दिल्ली के प्रतिष्ठित अस्पताल से आकाशवाणी के निदेशक को एक घबराई सी आवाज में फोन आता है। एक बच्ची का ढाई घंटे बाद ऑपरेशन है और उसके लिए एक विशेष रक्त समूह के प्लेटलेट्स की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ...और आगे

प्रबंध-संपादकीय

बच्चों की किताबों की दुनिया : बाजार, बदलाव और भविष्य बच्चों की किताबों की दुनिया : बाजार, बदलाव और भविष्य
पीयूष कुमार जीवन का स्वर्णिम दौर  व्यक्ति के जीवन की कई अवस्थाएँ होती हैं। उनमें उसके जीवन की स्वर्णिम अवस्था बचपन है। सुप्रसिद्ध सुभद्राकुमारी चौहान भी ‘मेरा नया बचपन’ कविता के माध्यम से यही बताती हैं कि हर व्यक्ति बचपन को बार-बार याद करता है— ...और आगे

प्रतिस्मृति

बड़े घर में बेटी बड़े घर में बेटी
अजितकुमार (९ जून, १९३३—१८ जुलाई, २०१७) राजपुर रोड, दिल्ली पर पिछले कुछ वर्षों से जो कोठियाँ और फ्लैट बने थे, उन्हीं में से एक कोठी में श्री बेचन गुप्ता रहते हैं। ...और आगे

कहानी

छी ! तुम्हारे सिर में जूँ हैं छी ! तुम्हारे सिर में जूँ हैं
शिल्पी ए. सिंह स्वतंत्र पत्रकार और अनुवादक। पीयूष मिश्रा की चर्चित पुस्तक ‘तुम्हारी औकात क्या है’ का अनुवाद। पत्रकारिता, जनसंपर्क और कॉर्पोरेट संचार के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव। ...और आगे

लघुकथा

दो लघुकथाएँ दो लघुकथाएँ
शकुंतला कालरा जानी-मानी लेखिका। अब तक सृजन-आलोचना की ५८ पुस्तकें प्रकाशित। बाल एवं किशोर साहित्य पुरस्कार एवं सम्मान, हिंदी अकादमी, ‘बालसाहित्य भारती सम्मान’, उ.प्र. हिंदी संस्थान, लखनऊ। ...और आगे

आलेख

राष्‍ट्रनिर्माण के विविध आयामों में आकाशवाणी का योगदान राष्‍ट्रनिर्माण के विविध आयामों में आकाशवाणी का योगदान
पार्थसारथि थपलियाल आकाशवाणी से सेवानिवृत्त कार्यक्रम अधिकारी, भारतीय संस्कृति संपोषक, राष्ट्रप्रथम की अवधारणा के संवर्धक, भारतीय लोक-जीवन, लोक-संस्कृति और लोक-परंपराओं के संरक्षण व संवर्धन तथा निरंतर लेखन में सक्रिय। ...और आगे

कविता

चार कविताएँ चार कविताएँ
श्रद्धा निकुंज भारद्वाज ‘अश्क’ अब तक गजल, गीत एवं नज्म-संग्रह ‘साए में जिंदगी के’, ‘राहगुजर’ (गजल-संग्रह), ‘अंबर छलके’, काव्य-संग्रहों में रचनाएँ प्रकाशित। ...और आगे

शब्दचित्र

बावलिया बावलिया
अनिल सामोता डॉ. अनिल सामोता दिल्ली पुलिस में सहायक आयुक्त पुलिस के पद पर हैं। वर्तमान नियुक्ति: एसीपी कनॉट प्लेस, नई दिल्ली। पुलिस एवं प्रशासन की जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए वर्षों से काव्य-सृजन भी करते आ रहे हैं। ...और आगे

व्यंग्य

रायते के बिखरने और सिमट जाने के बीच रायते के बिखरने और सिमट जाने के बीच
मुरली मनोहर श्रीवास्तव सुपरिचित लेखक। अब तक अलग-अलग विधा की बीस पुस्तकें तथा विभिन्न समाचार-पत्रों व पत्रिकाओं में एक हजार से अधिक रचनाएँ प्रकाशित। ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

बुलावा जगन्‍नाथ का बुलावा जगन्‍नाथ का
प्रेमपाल शर्मा सुपरिचित लेखक-संपादक। बुलंदशहर (उ.प्र.) के मीरपुर-जरारा गाँव में जन्म। देसी चिकित्सा लेखन में विशेष दक्षता। ...और आगे

ललित निबंध

स्वच्छ भारत, सुंदर भारत, उन्‍नत भारत स्वच्छ भारत, सुंदर भारत, उन्‍नत भारत
श्रीराम परिहार जाने-माने साहित्यकार। आठ ललित-निबंध संग्रह, एक नवगीत, एक संत-साहित्य आदि पुस्तकें प्रकाशित तथा पत्रिका ‘अक्षत’ का संपादन। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

लक्ष्मण-रेखा  (असमिया कहानी) लक्ष्मण-रेखा (असमिया कहानी)
मूल : इंदु प्रभा देवी गमिरि गुवाहाटी (असम) में जनमी नेपाली और असमिया भाषा की प्रतिष्ठित लेखिका। गुवाहाटी विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की है। बी. बरुआ महाविद्यालय में असमिया भाषा की सहायक प्रोफेसर। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

प्रथम प्रवृत्ति (ईरानी कहानी)
मूल:एहसान मुसलिफ बजुर्ग अनुवाद : भद्रसैन पुरी ...और आगे

बाल-संसार

बालसुलभ मन बालसुलभ मन
माणक तुलसीराम गौड़ सुपरिचित लेखक। अब तक दस पुस्तकें प्रकाशित। कई पुरस्कारों तथा सम्मानों से सम्मानित। संप्रति सेवानिवृत्त बैंक कार्यपालक। स्वतंत्र लेखन। ...और आगे

लोक-साहित्य

लोक-परंपरा में राम लोक-परंपरा में राम
दीपक कुमार अब तक ‘तुलसी का काव्यकला’ पुस्तक के साथ पत्रिकाओं में बाईस से अधिक शोध पत्रों का प्रकाशन मेरिट प्रमाण-पत्र एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित। ...और आगे

संस्मरण

वो रातें और ‘गच्ची’ की बातें वो रातें और ‘गच्ची’ की बातें
श्रीति राशिनकर आई.पी.एस. एकेडमी इंदौर में पत्रकारिता विषय में अध्यापन। काव्य-संग्रह ‘कुछ मेरी कुछ तुम्हारी’ सहित​ कुछ पुस्तकों का अनुवाद प्रकाशित। ...और आगे

कहानी

काली चाय की जगह... काली चाय की जगह...
रजनी शर्मा बस्तरिया सुपरिचित लेखिका। बस्तर पर लगभग चौदह पुस्तकें प्रकाशित एवं बस्तर पर सर्वाधिक किताब लिखने वाली एकमात्र छत्तीसगढ़ी लेखिका। ...और आगे

आलेख

सभ्यतागत पहचान के पुनर्स्थापन की चिंता में है जनजातीय समाज सभ्यतागत पहचान के पुनर्स्थापन की चिंता में है जनजातीय समाज
निरंजन कुमार सुप्रसिद्ध शिक्षाविद्; सीनियर प्रोफेसर। पूर्व सलाहकार, शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार; पूर्व में अमेरिका के कैलिफोर्निया, एरिजोना और मिशिगन विश्वविद्यालय में अध्यापन; ४ पुस्तकें और २५० ...और आगे