लोकसाहित्य में शौर्य

लोकसाहित्य में शौर्य

लोक-साहित्य
भासुपरिचित लेखिका। कहानी, उपन्यास लोक-साहित्य, नाटक, निबंध, बाल-साहित्य आदि विषयों पर शताधिक कृतियाँ तथा अनेक संपादित कृतियाँ प्रकाशित।...और आगे

देशभक्त राजद्रोही

साहित्य का विश्व परिपार्श्व
सन् १८०८ के लगभग गेलीशियन के इलाके में पेडरोन नामक छोटे से गाँव में एक पेरेडीज का गारशिया अपने अत्तार के नियमित व्यवसाय के साथ-साथ लोगों का भाग्य बताने के लिए मेढक, साँप और वर्षा का पानी बेचा करता था। ...और आगे
अजेय योद्धा बाजीप्रभु

अजेय योद्धा बाजीप्रभु

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व
छत्रपति शिवाजी महाराज को हिंदवी स्वराज्य संस्थापक के रूप में जाना-पहचाना जाता है। ...और आगे
शौर्य के आयाम

शौर्य के आयाम

राम झरोखे बैठ के
भारत का अहिंसक स्वतंत्रता संग्राम देश के सबसे बड़े शौर्य पुरुष के संघर्ष का ज्वलंत उदाहरण है। ...और आगे

स्वामी सत्यमित्रानंद : समन्वय-साधना के शिखर पुरुष

स्‍मरण
ज्योतिष्पीठ बद्रिकाश्रम से संबद्ध आचार्यपीठ भानुपुरा के निवृत जगद्गुरु शंकराचार्य, महामंडलेश्वर, विश्व-विश्रुत समन्वय-साधक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरिजी महाराज वर्तमान काल में समन्वय के पर्याय रहे,...और आगे
छत्रसाल की माँ

छत्रसाल की माँ

एकांकी
कालकुमरि : छत्रसाल की माँ। आयु लगभग पैंतीस वर्ष। सुंदर देहयष्टि। वीर वेश में किसी पराक्रमी योद्धा का सा व्यक्तित्व।...और आगे
फिर जन्म लेना

फिर जन्म लेना

कविता
तेरी रगों में दौड़ता है खून जो उसे याद करना, एक वीर की माँ वचन दे अपने हिया में लाना ...और आगे

हाजी पीर की लड़ाई

पुस्तक-अंश
हाजी पीर दर्रा (८,६५२ फीट) उड़ी के दक्षिण में तथा युद्ध-विराम रेखा से ८ किलोमीटर दूर है। ...और आगे
शौर्यपूर्ण रोमांचक प्रसंग

शौर्यपूर्ण रोमांचक प्रसंग

प्रसंग
गांधीजी ने स्वराज्य के लिए जो कार्यक्रम देश के सामने रखा, वह युवक देशभक्तों को आकर्षित करने वाला था। ...और आगे
सिख गुरुओं की शौर्य-परंपरा

सिख गुरुओं की शौर्य-परंपरा

आलेख
भारत के इतिहास की तरफ हम जब भी निगाह उठाकर देखते हैं तो यह समझ आता है ...और आगे

बहादुर सेनापति

प्रतिस्मृति
दूर-दूर तक चौड़ी सपाट भूमि, कहीं कोई साया नहीं। पीछे एकमात्र जल-विहीन सूखा तालाब! ...और आगे

शौर्य : एक बहुरंगी अवधारणा

संपादकीय
शौर्य एक बहुरंगी शब्द है। शौर्य का परिवार विशद है, परिकल्पना में विविधता है। ...और आगे