अद्भुत छात्रा

अद्भुत छात्रा

बाल-संसार
नारियल के लंबे-लंबे पेड़, हरियाली और ठंडी-ठंडी पुरवा बह रही थी। ...और आगे
स्मृतियों के चलचित्र में एक सफरनामा

स्मृतियों के चलचित्र में एक सफरनामा

यात्रा-वृत्तांत
कई दशकों से या कहूँ कि आधी शती के करीब हुआ होगा, जब से मैं धर्मशाला देखना चाहती थी, कर्नाटक में तिब्बती आवास देखना चाहती थी।...और आगे
वर्तमान समस्याएँ एवं लोक की भूमिका

वर्तमान समस्याएँ एवं लोक की भूमिका

लोक-साहित्य
भारत विश्व का सबसे मजबूत और विशाल लोकतंत्र है। ...और आगे

मारक शत्रु

साहित्य का विश्व परिपार्श्व
हम दोनों इकट्ठे यात्रा कर रहे थे। मेरे पास केवल एक ही घोड़ा था-अच्छा घोड़ा-मैं जानता हूँ कि वह अच्छा घोड़ा था ...और आगे
सफर में : मूरत, सुग्गा

सफर में : मूरत, सुग्गा

स्‍मरण
स्मरण यानी याद, यादें! अच्छी हों तो बरबस ओठों पर खिल उठती हैं। ...और आगे
दरवाजा बंद, दिमाग खुला

दरवाजा बंद, दिमाग खुला

व्यंग्य
दूरदर्शन पर प्रायः 'दरवाजा बंद तो...' कहते हुए दिखाई देते हैं। इसके पहले प्रसिद्ध नायिका 'जहाँ सोच, वहाँ...' वाला नारा बुलंद करती दिखती थी।...और आगे

भोला पंछी

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व
हरि के आने के समाचार तो मिले, पर उससे मिलने का मन नहीं हुआ। किसी समय वह मेरा प्रगाढ़ मित्र के साथ अत्यंत ही गूढ था।...और आगे
भिखमंगों का देश

भिखमंगों का देश

राम झरोखे बैठ के
हमारे देश में दान की बहुत प्रतिष्ठा है। एक जमाना था कि राजा उदार मन और खुले हाथ से दान देते थे। ...और आगे
निस्तार

निस्तार

उपन्यास अंश
कई-कई दिनों तक राजू, रेशमा, नौबू असहाय से जो भी करने को कहा जाता, खामोश उनके आदेशों का पालन करते रहे। ...और आगे
माँ की वे ममतालु आँखें

माँ की वे ममतालु आँखें

आत्मकथा-अंश
माँ को याद करता हूँ तो सबसे पहले उनकी आँखें याद आती हैं। ...और आगे
नेताजी उवाच

नेताजी उवाच

कविता
मेरा समाज गहरे गड्ढे में जाए मुझे क्या मेरे समाज की नींव हिले हिलती रहे...और आगे
हरिहर रूप का रहस्य

हरिहर रूप का रहस्य

आलेख
र्मिंप्राण भारत के मंदिरों में स्थापित 'हरिहर' की कल्पना को सामान्यतः मध्यकाल में तीव्र हो चले शैव और वैष्णव संप्रदाय के विवादों से जोड़ा जाता रहा है।...और आगे
राम भरोसे

राम भरोसे

कहानी
अभी आधा ही अखबार पढ़ पाए थे चंद्रभूषणजी कि राम भरोसे ने घर से बाहर जाते-जाते कहा, "चाय थरमस में रख दी है, बड़े भैया।" ...और आगे

अंदमान के बंदीगृह में

प्रतिस्मृति
काला पानी पहुँचते ही कैदियों को धुआँकश से उतारा जाता है और उन्हें सीधे उस द्वीप पर, सागर की ढलान पर बनाए हुए भव्य, मजबूत, विशाल तथा प्रमुख कारागृह में सशस्त्र पुलिस-पहरे में पहुँचाया जाता है।...और आगे

जलियाँवाला कांड के सौ वर्ष, शहीदों को देश की श्रद्धांजलि

संपादकीय
13 अप्रैल को अमृतसर के जलियाँवाला बाग हत्याकांड के सौ वर्ष पूरे हो गए।...और आगे