नया वर्ष

नया वर्ष

बाल-संसार
प्यारे बच्चो! नया वर्ष आने का समाचार सुनकर भला किसका मन मयूर नहीं नाच उठता। सभी को सुख का आभास हो उठता है। और सभी लोग उसके आने की खुशी मनाते हुए झूम उठते हैं। मुख तो मानो ...और आगे
नीले समंदर का देशथाईलैंड

नीले समंदर का देशथाईलैंड

यात्रा-संस्मरण
यात्राएँ हमें पुनर्जीवित कर देती हैं। रोजमर्रा की आपाधापी से मुक्त होकर कुछ अलग करना मन को खूब भाता है। नई जगह, नए लोग और नया परिवेश। अच्छा लगता है, जब उनकी जीवन शैली की तुलना हम खुद से करने लगते हैं और किसी भी समानता पर उल्लसित होते रहते हैं। ...और आगे
सत्यानाशी

सत्यानाशी

निबंध
सत्यानाशी यह भी कोई नाम हुआ? बड़ा ही अजीब नाम है, इसका। फिर जिसका नाम ही सत्यानाशी हो, उससे कोई क्या उम्मीद रखेगा? पर ऐसी बात नहीं है कि इस कलयुग में नाम के अनुकूल ही हर किसी का व्यवहार और व्यक्तित्व भी हो। तब तो यह हमारी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात् जन्...और आगे
भाग्य

भाग्य

साहित्य का विश्व परिपार्श्व
लंदन में सेना के हमारी पीढ़ी के दो-तीन अति विख्यात सैनिक नामों में से एक के सम्मान में भोज का अवसर था। मैं किन्हीं कारणों से, जो आपको निश्चित तौर पर स्पष्ट हो जाएँगे, उनका नाम और पद गुप्त रखूँगा। मैं उनको लेफ्टिनेंट जनरल लॉर्ड आर्थर स्कोर्सबी वाई.के., के.सी.बी. आदि...और आगे
मुन्नी के पाँव

मुन्नी के पाँव

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व
सच पूछिए तो मैं स्वयं ही नहीं जानता कि मैंने उनकी बात क्यों मान ली! और आज मैं वह सब याद करके भी काँप उठता हूँ। वहाँ मुझे एक बड़ी संस्था ने आमंत्रित किया था ...और आगे
नए साल में नया क्या है?

नए साल में नया क्या है?

राम झरोखे बैठ के
यकुम जनवरी है, नया साल है, दिसंबर में पूछेंगे, क्या हाल है। हर नए वर्ष की पहली भोर अपने स्वर्गीय मित्र अमीर कजलबाश का यह शेर मन खुद बखुद ही गुनगुना उठता है। पहली जनवरी को लाने के लिए ३१ दिसंबर से ही तैयारी शुरू हो जाती है। ३१ की रात को तो बड़े होटल ही नहीं, ढाबे तक सज&#...और आगे

ट्रैवल ग्रांट

संस्मरण
जीवन में कभी-कभी ऐसे क्षण आते हैं, जब कुछ ऐसा घट जाता है, जिसकी कोई संभावना दूर तक देखने में नहीं आती है। और शायद ऐसा बहुतों के जीवन में घटता होगा। मेरे जीवन में ऐसी बहुत सी घटनाएँ हैं, जिनका अजीब सा पूर्वाभास मुझे होने लगता था, यह अच्छा भी होता है और बुरा भी, लेकिन म&#...और आगे

चिंता न करो भई!

व्यंग्य
बहुत चिंतित होते होंगे न आप? आप अर्थात् माननीय वरिष्ठ व्यंग्यकार जन! हमारे बाद व्यंग्य किसी अंधी दिशा में भटक न जाए और भटकने से उसकी दशा जैसी है, उससे कहीं और भी बदतर न हो जाए तो आप लोग किंचित् भी चिंता न करें। आप कहेंगे, भला ऐसा क्या हो गया? तो जवाब है चीन देश द्वार...और आगे

अखबार और आदमी

लघुकथा
अरे! भाई, पढ़ने के पश्चात् अखबार रद्दी से हो जाते हैं। हाँ। कुछ-कुछ मेरा भी ऐसा ही मानना है। तो फिर पडोसी को आप अभी अखबार दे देते। काहे को दे देता अखबार, पडोसी को। पढ़ने को, और क्या? ना-ना क्या मतलब है आपका? मतलब कि मेरे ये पडोसी भी एकदम एक अखबार की मानिंद ही हैं। कैसे...और आगे
रामप्रसाद बिस्मिल

रामप्रसाद बिस्मिल

जिन्होंने जलाई स्वाधीनता की अलख
अपनी प्राणाहुति देकर भारत माता को आजाद करानेवाले देशभक्तों में पं. रामप्रसाद बिस्मिल का नाम विशेष श्रद्धा के साथ लिया जाता है। उनका जन्म सन् 1897 में शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री मुरलीधर था। वे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे। ...और आगे
मदनलाल धींगरा

मदनलाल धींगरा

जिन्होंने जलाई स्वाधीनता की अलख
वीर, निडर और निर्भीक देशभक्त मदनलाल धींगरा का परिवार अमृतसर में रहनेवाला एक संपन्न और अंग्रेज-भक्त परिवार था। उनके पिता डॉ. दत्तामल अमृतसर के...और आगे

नववर्ष-२०२२

दोहे
सूरज आया इक नया, गाने मंगल गीत। प्रियवर अब दिल में सजे, केवल नूतन जीत॥ उसकी ही बस हार है, जो माना है हार। साहस वाले का सदा, विजय करे शृंगार॥ बीते के संग छोड़ दो, मायूसी-अवसाद। नवल बनेगा अब धवल, देगा मधुरिम याद॥ खट्टी-मीठी लोरियाँ, देकर गया अतीत। वह भी था अपना कभी, था प...और आगे
मृत्यु से साक्षात्कार

मृत्यु से साक्षात्कार

आत्मकथ्य
पत्रकारिता के छात्रों को सबसे पहले खबर या न्यूज की परिभाषा सिखाई जाती है। न्यूज एजेंसी हिंदुस्थान समाचार के दिनों में मैंने भी इस परिभाषा को आत्मसात् कर लिया था। लेकिन अब मुझे लगता है, ऐसी सभी परिभाषाएँ ठीक नहीं हैं। अब मेरा एक नई परिभाषा से सामना हुआ है। जि...और आगे
जैनेंद्र कुमार : रचनात्मकता का सत्य

जैनेंद्र कुमार : रचनात्मकता का सत्य

आलेख
प्रेमचंद के जीवन काल में हिंदी में जो लेखकों की नई पीढ़ी उभरकर सामने आ रही थी, उनमें जैनेंद्र कुमार, बच्चन, रामकुमार वर्मा, महादेवी वर्मा, अज्ञेय, विष्णु प्रभाकर, प्रभाकर मामले, भँवरमल सिंघी, जनार्दन प्रसाद झा द्विज सुदर्शन आदि की एक लंबी सूची दी जा सकती है। प्...और आगे

विश्वास विधि हाथ

कहानी
ज्योंज्यों छुट्टी का समय करीब आ रहा था, रीना की परेशानी बढ़ती जा रही थी। रीना बारहवीं की छात्रा है, प्री-बोर्ड की परीक्षा सर पर है। देखा जाए तो पढ़ाई के अलावे उसे और किसी चीज से मतलब नहीं होना चाहिए। पर संयुक्त परिवार की बेटी है, इसलिए उसके एक ही नहीं नंबर ऑफ गार्...और आगे

बच्चा

प्रतिस्मृति
हवेली की किसी मंजिल से गिरकर बच्चा सीधे दालान के बीचोंबीच आ गिरा था। जब तक लोग देखें, तब तक उसके मुँह से निकले खून की धारियाँ इधर-उधर बहने लग गई थीं। असहाय और गिरने के आघात से बेहोश बच्चे का सिर एक तरफ लुढ़क गया था। कोई दौड़कर आया था और उसने सिर्फ बच्चे का मुँह कपड़े ì...और आगे

सामान्य दिनचर्या से परे...

संपादकीय
वर्षों से यही क्रम चला आ रहा है। नए वर्ष के आगमन पर हम अपने जीवन के लिए कुछ नए संकल्प लेकर परिवर्तन की कामना करते हैं। ये संकल्प प्रायः बहुत हलके-फुलके से ही होते हैं कि हम सुबह जल्दी उठा करेंगे हम चाय में चीनी लेना बंद कर देंगे हम योग करना प्रारंभ कर देंगे...यह सूé...और आगे