जीवन को महकाते

जीवन को महकाते

बालगीत
लाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव सुपरिचित रचनाकार। 'सबसे प्यारा देश हमारा', 'बच्चे मन के सच्चे' (बाल कविता-संग्रह), 'मैं मृत्यु को पछाड़ दूँगा' (काव्य-संग्रह) प्रकाशित। ...और आगे
अपेक्षा

अपेक्षा

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व
मूल : यशवंत ठक्कर अनुवाद : राजेंद्रप्रसाद सुखदेव निगम वड़ोदरावासी यशवंत ठक्कर गुजराती साहित्य की कई विधाओं के जाने-माने लेखक हैं। ...और आगे
वेताल की अंतिम कथा

वेताल की अंतिम कथा

व्यंग्य
श्याम मनोहर व्यास सुपरिचित लेखक। अब तक 'ट्रेन में समाजवाद' (व्यंग्य), 'नए आकाश की तलाश' (कहानी-संग्रह) एवं बाल साहित्य की ७० पुस्तकों सहित १०८ पुस्तकें तथा हिंदी की विविध विधाओं में अब तक पाँच हजार रचनाएँ प्रकाशित। ...और आगे
गजलें

गजलें

गजल
अनिला सिंह चाड़क डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी, कॉलेज में प्रिंसिपल। कविता और व्यंग्य की कई पुस्तकों सहित लगभग १५ पुस्तकें प्रकाशित।...और आगे
वेताल की अंतिम कथा

वेताल की अंतिम कथा

व्यंग्य
श्याम मनोहर व्यास सुपरिचित लेखक। अब तक 'ट्रेन में समाजवाद' (व्यंग्य), 'नए आकाश की तलाश' (कहानी-संग्रह) एवं बाल साहित्य की ७० पुस्तकों सहित १०८ पुस्तकें तथा हिंदी की विविध विधाओं में अब तक पाँच हजार रचनाएँ प्रकाशित। ...और आगे
मौत के बाद भी देशसेवा

मौत के बाद भी देशसेवा

आलेख
शोभा माथुर ब्रिजेंद्र सुपरिचित लेखिका। अब तक दर्जन भर पुस्तकें एवं पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ निरंतर प्रकाशित। 'आहट' सीरियल कॉण्टेस्ट में सोनी टी.वी. द्वारा तथा 'ताजा चाय' कॉण्टेस्ट में पुरस्कृत। कुछ पुस्तकें प्रकाशनाधीन।...और आगे
तराजू के उपयोग

तराजू के उपयोग

राम झरोखे बैठ के
गोपाल चतुर्वेदी तराजू के उपयोग की मन में कई स्मृतियाँ हैं। तराजू देखते ही हिंदी फिल्मों का कोर्ट-सीन उभर आता है। कोर्ट के प्रतीक के रूप में बड़ी सी तराजू दिखाई जाती है। ...और आगे

मॉर्निंग टी

लघुकथा
मृत्युंजय कुमार मनोज "अजी, उठिए न। आज आपके हाथ की बनी चाय पीनी है।...और आगे
पद्मश्री मालती जोशी भारतीय परिवारों की आत्मीय कथाकार

पद्मश्री मालती जोशी भारतीय परिवारों की आत्मीय कथाकार

संस्मरण
संजय द्विवेदी ख्यातिनाम कथाकार-उपन्यासकार श्रीमती मालती जोशी के निधन की सूचना ने साहित्य जगत् में जो शून्य रचा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। ...और आगे

धरती कहे पुकार

दोहे
दीक्षा चौबे...और आगे
प्रूफ रीडर

प्रूफ रीडर

कहानी
सुशील कुमार फुल्ल वरिष्ठ कथाकार, साहित्येतिहासकार, आलोचक के रूप में हिंदी जगत् में समादृत! ...और आगे

चिड़ियाँ : दो कविताएँ

कविता
रामदरश मिश्र हिंदी के मूर्धन्य कवि-साहित्यकार, जिन्होंने साहित्य की अनेक विधाओं को अपने रचनात्मक अवदान से समृद्ध किया। 'जल टूटता हुआ' और 'पानी के प्राचीर' उपन्यासों की धूम रही। अभी हाल में कविता-संग्रह 'आम के पत्ते' 'व्यास सम्मान' से अलंकृत। इसके अतिरिक्त भी अ...और आगे
इच्छाओं का अनंत आकाश

इच्छाओं का अनंत आकाश

प्रतिस्मृति
मालती जोशी ४ जून, १९३४ को औरंगाबाद के महाराष्ट्रियन परिवार में जन्म। विविध विधाओं की ४० से अधिक पुस्तकें प्रकाशित; १० मराठी कथा-संग्रह, एक गीत-संग्रह एवं हिंदी की लगभग सभी पत्र-पत्रिकाओं में कहानियाँ एवं लघु उपन्यास प्रकाशित। ...और आगे

लोक-संस्कृति से दूरी

संपादकीय
बिहार प्रांत में एक लोककाव्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी उद्धृत होता रहा है। इसमें एक चिड़िया की पीड़ा और उसके संघर्ष को उकेरा गया है...और आगे