Prabhat Books
Prabhat Books

जुलाई 2018

IS ANK MEN

More

संपादकीय

कांग्रेस में असुरक्षा की भावना क्यों?
कांग्रेस खुद को कितना असुरक्षित महसूस करती है, इसका हास्यास्पद उदाहरण पिछले दिनों देखने को मिला। ...और आगे

प्रतिस्मृति

प्रिया प्रिया
बेलमार के लंबे और विस्तृत समुद्र तट के पूर्वी और उत्तरी प्रांतों में, गोरे धनपतियों के आलीशान बँगले एक छोर से दूरे छोर तक फैले हुए थे। ...और आगे

आलेख

एक महीना ऐसा भी... एक महीना ऐसा भी...
समय की, संवत्सर वर्ष की, सौर और चाँद गणनाद पद्धति में समानता लाने के लिए किसी महीने में दो तिथियों के एक, जैसे कभी चौथ-पंचमी, कभी एकादशी-द्वादशी एक हो जाती हैं, ...और आगे

कहानी

नींद भर सोए नींद भर सोए
''मैनेजर साहब! नमस्ते!'' ''नमस्ते भाई, नमस्ते, बोलो क्या कहना है?'' ...और आगे

लघुकथा

स्वच्छता अभियान
मार्च का महीना था। बसंत ऋतु में पतझड़ होता है। मैं सुबह घूमने जा रहा था। ...और आगे

कविता

कौन है दोस्त, कौन है दुश्मन
इन हवाओं को क्या हो गया, इन फिजाओं को क्या हो गया? ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

दाढ़ी, बुद्धिजीवी और बादल दाढ़ी, बुद्धिजीवी और बादल
हमें भी हाल में बुद्धिजीवी बनने और दिखने का शौक चर्राया है। कुछ अक्ल के जीव साधु संतों सी दाढ़ी पाल लेते हैं। ...और आगे

स्‍मरण्‍ा

दादा की भीनी-भीनी यादें
दादा चले गए, ऐसे तो कभी नहीं जाते थे! ...और आगे

ललित निबंध

पावस और सर्जन पावस और सर्जन
भारतवर्ष पृथ्वी की गोद में बसा हुआ ऐसा देश है, जिस पर प्रकृति की ममता अन्य देशों की अपेक्षा सर्वाधिक बरसती है। ...और आगे

व्यंग्य

श्री घोड़ीवाला का चुनाव अभियान श्री घोड़ीवाला का चुनाव अभियान
श्री घोड़ीवाला का विधायक का चुनाव हारने का घाव अभी पूरी तरह भरा भी नहीं था ...और आगे

लोक-साहित्य

लोककंठ से निकली बरखा की फुहार लोककंठ से निकली बरखा की फुहार
काले-कजरारे बादलों को देखते ही मन-मयूर नाच उठता है। ...और आगे

रिपोर्ताज

न्याय की आस लिये एक लोकनृत्य नाग-सैला न्याय की आस लिये एक लोकनृत्य नाग-सैला
लोक संस्कृति, लोकजीवन, लोकनृत्य, लोक साहित्य, ये सभी हमारे मस्तिष्क में आदिकाल के निवासियों की ऐसी छवि अंकित करते हैं, ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

आनंद का उद्गम अमरकंटक आनंद का उद्गम अमरकंटक
'ऊधौ! मन नाही दस-बीस। एक हुतो सो गयौ श्याम संग को आराधे ईश।' ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

डाकमुंशी
सरकारी नौकरी में बहाल होने के दिन से हरिसिंह मुफस्सल (नगरेतर) के छोटे-बड़े अनेक पोस्ट-ऑफिसों में काम कर चुके हैं। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

ककड़ी प्रदेश में शिशु-जन्म
ककड़ी प्रदेश में एक मुसीबत आ खड़ी हुई। ककड़ी प्रदेश आर्कटिक सागर में स्थित एक दूरवर्ती सुनसान उपद्वीप है। इस उपद्वीप की खोज कुछ ही दिनों पूर्व हुई है। ...और आगे

बाल-संसार

रहस्यमयी पुस्तक चोर रहस्यमयी पुस्तक चोर
''अरे, मेरी गणित की किताब कहाँ गई?'' यशवी अपनी किताब को मेज पर न पाकर चीखते हुए बोली। ...और आगे