Prabhat Books
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अकतूबर 2019

IS ANK MEN

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संपादकीय

दादाभाई नौरोजी कौन?
चार सितंबर को दादाभाई नौरोजी की जन्मतिथि थी। ...और आगे

प्रतिस्मृति

ब्रह्मचर्य
अब ब्रह्मचर्य के विषय में विचार करने का समय आ गया है। ...और आगे

आलेख

महात्मा गांधी को समझें महात्मा गांधी को समझें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में महात्मा गांधी का एक डिजिटल संग्रहालय बनवाया है। ...और आगे

कहानी

तुम्हारी माँ कहाँ है तुम्हारी माँ कहाँ है
''माँ,मेरी माँ कहाँ है?'' ...और आगे

लघुकथा

वो टपकती झोंपड़ी
पिछले दो दिनों से बरसात का पानी थमने का नाम ही न ले रहा था, तूफानी हवाओं ने तो जाने कितना आतंक ही मचा रखा था, ...और आगे

कविता

छाया रहा अँधेरा छाया रहा अँधेरा
अगणित दीप जलाए अब तक ...और आगे

संस्मरण

दीये के बहाने कुम्हारेण मावसी की यादें दीये के बहाने कुम्हारेण मावसी की यादें
व्रत-त्योहार हों, उत्सव-पर्व हों, सबके कदम दौड़ पड़ते हैं, बाजार की ओर। ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

कॉफी हाउस की बहस और कट मनी कॉफी हाउस की बहस और कट मनी
उस दिन कॉफी हाउस में वाक्युद्ध छिड़ा था कि देश के सामने महत्त्वपूर्ण मुद्दे क्या हैं? ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

आखिरी बिदाई आखिरी बिदाई
नैऋत्य नामक एक उदयोन्मुख कवि और कहानीकार था। आप पूछेंगे कि अब नहीं है? वह अब भी है। ...और आगे

व्यंग्य

पाठ्यक्रम में रचनाओं का चयन पाठ्यक्रम में रचनाओं का चयन
बहुत दिनों से प्रदेश में हाई स्कूल स्तर के हिंदी पाठ्यक्रम को बदलने पर विचार चल रहा था। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

अगुए
दोनों पादरी के घर में नौकर थे वह अस्तबल का लड़का था जबकि वह घरेलू दासी थी। ...और आगे

ललित निबंध

ज्योति पर्व दीपावली ज्योति पर्व दीपावली
मनुष्य की चिरकाल से अंधकार से लड़ने और उस पर विजय पाने की दृढ़ संकल्प शक्ति और सतत उद्योग का स्मरण दिलाता है ...और आगे

लोक-साहित्य

बुंदेलखंड का झैंझी-टेसू बुंदेलखंड का झैंझी-टेसू
भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा में लोक का अपना महत्त्व है। ...और आगे

बाल-संसार

झिलमिल दीपावली झिलमिल दीपावली
''पापाजी! आप मेरे लिए पटाखे खरीदने कब चलेंगे? अगले सप्ताह ही तो दीपावली है।'' ...और आगे