Prabhat Books
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संपादकीय

पुलवामा के शहीदों को नमन
हम सी.ए.जी. की राफेल और कांग्रेस की प्रतिक्रिया, २०१९ के आम चुनाव में महागठबंधन की संभावनाओं, प्रियंका गांधी की राजनीति में भागीदारी, पाकिस्तान और भारत के संबंध, अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य और ममता आदि पर कुछ टिप्पणियाँ लिखने पर विचार कर रहे थे ...और आगे

प्रतिस्मृति

होलिकोत्सव का प्राचीन स्वरूप
होली का त्योहार कितना पुराना है और कब से देश में प्रचलित हुआ है, इसकी खोज के लिए प्राचीन और मध्ययुगीन संस्कृत-साहित्य का अवगाहान जरूरी है। ...और आगे

कहानी

पुलिसवालों की होली पुलिसवालों की होली
उसने खोजी नजर उस चाय की दुकान पर डाली, ''मर गए साले सब-के-सब, ऐसा भी कहीं त्योहार मनाया जाता है?'' ...और आगे

आलेख

मन को लुभाती ब्रज की होलियाँ मन को लुभाती ब्रज की होलियाँ
धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक आस्थाओं का केंद्र कहे जानेवाले भारत देश में विभिन्न सामयिक तिथियों पर पर्व, मेले एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ...और आगे

लघुकथा

संत-पाहुने
सज्जन, दयालु एवं परहित स्वभाववाले पिताजी ने गाँव के सबसे पासवाले अपने खेत के एक हिस्से पर एक कुटिया बनवा दी। कभी-कभार साधु लोग वहाँ आकर ठहरने लगे। ...और आगे

कविता

पिचकारी के रंग
ढोलक चुन्नूलाल की, जुम्मन देते थाप। सुर से जैसे ताल का, होता मधुर मिलाप॥ ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

अतीत के भूत अतीत के भूत
वह अपने बँगले के लॉन में बैठे चाय सुड़क रहे हैं। उन्हें याद आ रहा है कि कुछ दिनों पूर्व तक यहाँ भीड़ का ऐसा अंबार रहता कि लॉन के तहस-नहस होने की स्थिति आ जाती। माली अपनी मेहनत के व्यर्थ जाने पर शिकायत करता। ...और आगे

ललित निबंध

अतुल्य भारत : प्रकृति का गीत, सत्य का संगीत अतुल्य भारत : प्रकृति का गीत, सत्य का संगीत
आकाश में नर्मदा बह रही है। एक परिक्रमावासी उसके किनारे-किनारे चला जा रहा है। ...और आगे

हास्य-व्यंग्य

होली की हड़ताल होली की हड़ताल
होली मेरा सबसे प्रिय त्योहार है। इधर फागुन शुरू होता है और उधर मेरा दिल बल्लियों उछलने लगता है। ...और आगे

स्‍मरण

कन्हैया शैली के चितेरे : पं. रामदयाल शर्मा
माँ शारदे के आशीर्वाद से जब किसी लेखक या कवि की प्रज्ञा प्रवाहित होती है ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

होटेल मित्सुबिशि होटेल मित्सुबिशि
'वेल्कम टू होटेल मित्सुबिशि, सर! वॉट केन वी डू फॉर यू?' ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

शक शक
बात यों हुई। मेरी पत्नी फिलोमिना अभी सो ही रही थी, ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

भारत के दिव्यभाल : चार धाम भारत के दिव्यभाल : चार धाम
वैसे देखें तो भारत का कण-कण पवित्र है। यहाँ जल पवित्र है। हवा पवित्र है! ...और आगे

लोक-साहित्य

सामाजिक मूल्यों के पोषण में लोकगीतों की भूमिका
समाज का साहित्य से अन्योन्याश्रित संबंध है। समाज के उन्नयन व परिपुष्टन में साहित्य सदैव ही अपनी अविस्मरणीय भूमिका निभाता रहा है। ...और आगे

बाल-संसार

होली हम कैसे मनाएँ होली हम कैसे मनाएँ
होली शब्द याद आते ही मन में मस्ती और उमंग भर जाती है। ...और आगे