Prabhat Books
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संपादकीय

महात्मा गांधी की १५०वीं जयंती
दोअक्तूबर महात्मा गांधी का जन्मदिवस है। गांधी जयंती पूरे देश में अनेक स्तरों पर बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। ...और आगे

प्रतिस्मृति

चारा काटने की मशीन चारा काटने की मशीन
रेल की लाइनों के पार इस्लामाबाद की नई आबादी के मुसलमान जब सामान का मोह छोड़ जान का मोह लेकर भागने लगे तो हमारे पड़ोसी लहनासिंह की पत्नी चेतीं। ...और आगे

कहानी

सहजो की कमाई सहजो की कमाई
दिल्ली शहर में तीस वर्ष पूर्व घरेलू महिलाओं के पास कमाई का एक सरल साधन होता था। ...और आगे

आलेख

खोंइछा में मॉरीशस खोंइछा में मॉरीशस
दक्षिण भारतीय हिंदी लेखिका ललितांबा दीदी का फोन आया था। ...और आगे

रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय स्वरूप लेता विश्व हिंदी सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्वरूप लेता विश्व हिंदी सम्मेलन
मॉरीशस में बीते १८ से २० अगस्त, २०१८ को संपन्न ११वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन कई कारणों से तात्पर्यपूर्ण रहा। ...और आगे

स्‍मरण्‍ा

संस्कृतियों को प्रश्नांकित करनेवाले नायपॉल संस्कृतियों को प्रश्नांकित करनेवाले नायपॉल
भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक, बुकर व नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और भारत को 'गुलामों का देश' कहनेवाले अंग्रेजी लेखक वी.एस. नायपॉल का ८५ बरस की उम्र में ११ अगस्त, २०१८ को लंदन स्थित उनके घर में निधन हो गया। ...और आगे

लघुकथा

ए.टी.एम.
''दोसाल हो गए बिटिया को यहाँ काम करते हुए, अब तो काम भी सीख गई है, दुगनी तनख्वाह बढ़ाओ तब बिटिया को यहाँ छोड़ूँगी, नहीं तो मैं इसे लेकर चली।'' ...और आगे

कविता

नारी नारी
ओ नारी! तुझे अबला कहें, सबला या बेचारी क्षमा करना देवी, तेरी भावनाओं को आहत करने की मंशा नहीं है ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

गुमशुदा की तलाश और 'खात्मा-रिपोर्ट' गुमशुदा की तलाश और 'खात्मा-रिपोर्ट'
थाने जाने से किसी भी शरीफ का साहस जवाब दे जाता है। फिर वह तो पढ़ा-लिखा है। उसने कई बार पुलिसिया विज्ञापन देखा है, ...और आगे

ललित निबंध

वर दे, आया तेरे द्वार वर दे, आया तेरे द्वार
बह्म मुहूर्त का समय, सुप्रसन्न धरा, सुरभित गगन मन के पूजा मंदिर में देव प्रतिमाओं का जमघट सजा है। ...और आगे

हास्य-व्यंग्य

साहित्यकारों के लिखने के ढंग और मनःस्थिति साहित्यकारों के लिखने के ढंग और मनःस्थिति
साहित्यकार अनेक विधाओं में बडे़-बडे़ ग्रंथ लिखते हैं। उनकी रचनाएँ कहानी, उपन्यास, निबंध, समीक्षा और कविता आदि हम सब पढ़ते तो अवश्य हैं, ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

चित्रा और पाँच भाई
एक गाँव था। गाँव में चित्रा नाम की एक लड़की रहती थी। एक छोटा सा मकान था। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

भय
धीमी और भयावनी ठंडक जो मृत्यु का आगमन प्रतीत होती है ...और आगे

संस्मरण

वो नन्हा फरिश्ता वो नन्हा फरिश्ता
२५मार्च, २०१७ : निशा का अवसान हो रहा है, प्रातः होने को है। यह वेला ऐसी कही गई है कि बीमार भी चैतन्य महसूस करता है, और फूल भी हँसने लगते हैं। ...और आगे

लोक-साहित्य

आदिवासी जनजातियाँ और उनके लोकोत्सव आदिवासी जनजातियाँ और उनके लोकोत्सव
हमारा देश विभिन्न जातियों, धर्मों, समुदायों, भाषा-बोली तथा प्राकृतिक रचनाओं का अद्भुत संगम है और अनेकता में एकता को समाहित किए हुए है। ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

अयोध्या अपराजेय आस्था की नगरी अयोध्या अपराजेय आस्था की नगरी
कल-कल बहती सरयू के जल में अठखेलियाँ करती नावों की लंबी सी पंक्ति, किनारे दूर-दूर तक फैले घाटों की सीढि़यों पर पूजा-अर्चना के उपक्रम में लगे ...और आगे

बाल-संसार

हर आँगन में उजियारा हो हर आँगन में उजियारा हो
दीपों का मेला दीपों का मेला दीवाली, रात सजी ज्यों तारों वाली। ...और आगे