Prabhat Books
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संपादकीय

मोदी सरकार का नोटबंदी का ऐतिहासिक कदम
आठ नवंबर के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम उद्बोधन के उपरांत सबका ध्यान केवल ५०० और १००० रुपए के नोटों के विमुद्रीकरण से उत्पन्न समस्याओं पर है। प्रधानमंत्री ने विमुद्रीकरण का प्रयोग अपने भाषण में नहीं किया था। ...और आगे

प्रतिस्मृति

मंदिर की देहरी मंदिर की देहरी
साहित्यकार-राजनीतिज्ञ शंकर दयाल सिंह सन् १९७१ से १९७७ तक लोकसभा के तथा सन् १९९० से १९९५ तक राज्यसभा के सदस्य रहे थे। ...और आगे

संपादकीय

पुरस्कार पुरस्कार
वह गला फाड़-फाड़कर चीख रहा था, "बनवा लो, टूटा-फूटा बरतन बनवा लो।" ...और आगे

आलेख

आदिवासी विद्रोह एवं मानगढ़ की शहादत की गौरव-गाथा आदिवासी विद्रोह एवं मानगढ़ की शहादत की गौरव-गाथा
भारत में आदिवासियों के दमन, शोषण और उनके द्वारा किए जाते रहे प्रतिरोध एवं संघर्ष की लंबी परंपरा रही है। ...और आगे

ललित निबंध

धर्मक्षेत्र और कुरुक्षेत्र धर्मक्षेत्र और कुरुक्षेत्र
बादल बरसता है, हवा बहती है, अग्नि प्रकट होती है। धरती अपनी प्रकृति में रसवंती होती है। आकाश अनंत हो जाता है। कोयल गाती है। नदी बहती है। ...और आगे

व्यंग्य

सेलिब्रिटीज के शिक्षाप्रद कथन सेलिब्रिटीज के शिक्षाप्रद कथन
हमारे यहाँ एक संस्था है विचार-मंच। यह संस्था हर महीने एक व्याख्यान आयोजित कराती है, जिसमें बडे़-बडे़ सेलिब्रिटीज आते हैं। सेलिब्रिटीज को बुलाने के बडे़ फायदे हैं। ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

आज की मुखौटा सदी आज की मुखौटा सदी
मोहल्ले की हर गतिविधि की खबर हमें न हो तो अपने पेट में दर्द का अहसास होता है। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

ढलान ढलान
बहुत सोच-विचार करने के पश्चात् वह चलने के लिए तैयार हो गया था। ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

महाकाल की नगरी उज्जयिनी में दो दिन महाकाल की नगरी उज्जयिनी में दो दिन
उज्जयिनी में कलकल प्रवाहित शिप्रा के पावन तट पर सिंहस्थ महाकुंभ-२०१६ के अंतिम शाही स्नान के साथ कल इस महापर्व का समापन हो रहा है। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

हम सतत परिवर्तनशील प्रवाह में हैं
पहले उपन्यास के आकस्मिक अंत के साथ मैंने हार स्वीकार की। ...और आगे

कविता

नई दिशाओं की ओर
वक्त की गुनगुनाहट तब से वक्त गुनगुना रहा ...और आगे