Prabhat Books
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संपादकीय

ढोंगी बाबाओं को कोई बढ़ावा न दे
इस समय देश के सामने अनेक समस्याएँ और कठिनाइयाँ हैं, जिन पर ध्यान देना आवश्यक है। ...और आगे

प्रतिस्मृति

यक्ष और युधिष्ठिर यक्ष और युधिष्ठिर
पाँचों पांडव वनवास की अवधि पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। एक दिन एक हिरण के पीछे भागते-भागते वे बहुत थक गए। ...और आगे

लघुकथा

तोड़ी सियार ने दोस्ती
सियार और कुत्ते में गहरी दोस्ती थी। दोनों जंगल में साथ रहते थे। मिलकर शिकार करते थे। ...और आगे

आलेख

बालमन पर अंकित प्रथम संस्कार 'पट्टी पूजन' बालमन पर अंकित प्रथम संस्कार 'पट्टी पूजन'
आज काफी समय बाद जब किंशुक-विभा शाश्वत को लेकर आए तो पिछले तीन दिन से अस्वस्थ मन को बहुत अच्छा लगा। ...और आगे

कहानी

सन्नाटा सन्नाटा
आज कई दिनों के बाद वे घर से निकली थीं, छोटी रूमी बार-बार बिस्तर पर चढ़कर उन्हें खींच रही थी। ...और आगे

कविता

अच्छा है जी अच्छा है
अच्छा है जी अच्छा है अपने बड़ों को नमन करना, अच्छा है जी अच्छा है! ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

ताश का त्योहार ताश का त्योहार
उसे कौन नहीं जानता है? वह शहर में 'किराना किंग' के नाम से प्रसिद्ध है। यह उसका पुश्तैनी धंधा रहा है। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

दंपती
व्यापार है ही बुरी चीज। मुझे ही लीजिए। दफ्तर के काम से जब थोड़ी देर के लिए मुझे छुट्टी मिलती है ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

किऊ गार्डन के पेड़
इंग्लैंड देखने का मन था। जिस व्यक्ति ने कोई परदेस-यात्रा न की हो, उसे तो और भी अधिक दिलचस्पी होती है। ...और आगे

स्‍मरण्‍ा

मेरे रमन भैया मेरे रमन भैया
सोनी चैनल पर 'द कपिल शर्मा कॉमेडी शो' आ रहा था। यों तो मुझे ऐसे प्रोग्रामों में रुचि नहीं है। ...और आगे

लोक-साहित्य

चंपारण-सत्याग्रह की लोकगीतों में अभिव्यंजना चंपारण-सत्याग्रह की लोकगीतों में अभिव्यंजना
लोकगीत जनमानस के ऐसे भावाभिव्यंजक काव्यात्मक रूप होते हैं, जिनमें युगीन संदर्भों, प्रसंगों, घटनाओं और व्यक्तियों से जुड़ी आम जनमानस की प्रतिक्रियाएँ समाहित रहती हैं। ...और आगे

व्यंग्य

बधाई का ढोल बधाई का ढोल
एक अखबार में 'क' को सम्मानित किए जाने की खबर छपी। मैंने 'क' को बधाई दी। 'ख' के पेट में दर्द हुआ। ...और आगे

बाल-संसार

अलादीन और गवैया गदहा अलादीन और गवैया गदहा
एक था अलादीन, उसके सपने थे रंगीन, उसके पास में था जादुई चिराग, जिसको घिसते ही चिराग का देव प्रकट हो जाता। ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

चलिए देवभूमि, उत्तर-पश्चिमी छोर के दर्शन करें चलिए देवभूमि, उत्तर-पश्चिमी छोर के दर्शन करें
शिमला के एक वर्षीय प्रवास ने शिमला और उसके आस-पास के क्षेत्रों, जैसे संजोली, छोटा शिमला व कुफरी आदि का अच्छा परिचय करा दिया था। ...और आगे