Prabhat Books
Prabhat Books

संपादकीय

नानी पालखीवाला और उनका अवदान
नानी पालखीवाला का जन्मशती वर्ष चल रहा है। ...और आगे

प्रतिस्मृति

सरस्वती तट से निकली सांस्कृतिक जय-यात्रा सरस्वती तट से निकली सांस्कृतिक जय-यात्रा
विष्णु पुराण का यह श्लोक बहुत प्रसिद्ध है उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्। वर्षं तद् भारतं नाम, भारती यत्र सन्तति॥ ...और आगे

कहानी

मूँछों की लड़ाई मूँछों की लड़ाई
थानेदार मलखान सिंह की हालत उस गधे जैसी थी, जो जेठ के महीने में घास की कमी देखकर इसलिए परेशान होता है ...और आगे

आलेख

वैश्विक नाट्य, नृत्य और लीला में राम वैश्विक नाट्य, नृत्य और लीला में राम
वैश्विक नाट्य, नृत्य और लीला में राम' यानी प्रस्तुतिपरक कलाओं में रामकथा की परंपरा रामायण की दृश्यात्मक प्रस्तुति। ...और आगे

लघुकथा

ट्रांसफर
"रीमा, बहुत-बहुत बधाई हो!" आज तुम्हारा सपना पूरा हो गया। ...और आगे

कविता

आधा-अधूरा
अरमानों का क्या बोलो सब किसके पूरे होते हैं, सपने चाहे कितने देखो कुछ ही पूरे होते हैं। ...और आगे

स्‍मरण

भावनाओं के संवेदनशील चितेरे प्रो. नामवर सिंह भावनाओं के संवेदनशील चितेरे प्रो. नामवर सिंह
नामवर सिंह ध्वंस के शिकंजे में जकड़े हुए इस संसार में सृजन का वर थे। ...और आगे

पुस्तक-अंश

जनता की गवाहियाँ
हंटर कमीशन ने सिर्फ सरकारी अफसरों और मुलाजिमों के बयान लिये थे। ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

घर-घर दंगल घर-घर दंगल
हमें अपनी अज्ञानता पर गर्व है। ...और आगे

ललित निबंध

रेवा तोरे रेत कनों में रमता मन रेवा तोरे रेत कनों में रमता मन
यह अहसास तो हिया में रुमुक-झुमुक रहा है। भीतर-भीतर एक लहराव है। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

महल और झोंपड़ी
उस गली में एक बहुत बड़ा महल है! उस रास्ते से जानेवाले लोग सिर उठाकर महल की ओर देखने लगते हैं तो फिर झुकाने का नाम नहीं लेते। ...और आगे

व्यंग्य

बड़ा लेखक बनने के सरल उपाय बड़ा लेखक बनने के सरल उपाय
किसी भी क्षेत्र में बड़ा होने के लिए कठिन और सरल उपाय होते हैं। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

नकली गहने
लैंटिन जब अपने ब्यूरो सहायक प्रमुख के घर आयोजित पार्टी में था, उसकी मुलाकात एक युवा लड़की से हुई। ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

दिल्ली-तीर्थ-दर्शनम् दिल्ली-तीर्थ-दर्शनम्
स्वास्थ्य-कारणों से इस बार बाहर कहीं तीर्थयात्रा पर जाना संभव न हो सका, ...और आगे

लोक-साहित्य

भारतीय परंपराओं में वृक्ष-पूजा भारतीय परंपराओं में वृक्ष-पूजा
भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं में पेड़ों को विशिष्ट महत्ता प्रदान की गई है। ...और आगे

बाल-कहानी

ज्ञान-विज्ञान व मनोरंजन का साथी रेडियो ज्ञान-विज्ञान व मनोरंजन का साथी रेडियो
आज रविवार था। पड़ोस के घर से बुजुर्ग मि. गुप्ता का रेडियो बज रहा था। ...और आगे