Prabhat Books
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अकतूबर 2017

IS ANK MEN

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संपादकीय

गांधी-जयंती पर महापुरुषों का स्मरण
अक्तूबर महीने में देश भर में अनेक सपूतों, महापुरुषों की जयंतियाँ प्रतिवर्ष आयोजित होती हैं। ...और आगे

प्रतिस्मृति

महादान महादान
सठ परसादीलाल टल्लीमल की कोठी पर जूट का काम होता था। ...और आगे

लघुकथा

बेमेल
पिछले कुछ दिनों से उसे अपनी चालीस वर्ष की पत्नी कुरूप दिखने लगी थी। ...और आगे

आलेख

वनों पर आश्रित प्राणी-जीवन वनों पर आश्रित प्राणी-जीवन
मानव सभ्यता का विकास वनों की गोद में हुआ। उनके सौम्य, स्वच्छ एवं शांत वातावरण में हमारी सभ्यता एवं परंपरा विकसित हुई। ...और आगे

कहानी

वेल्लियाँ-मुष्टंडियाँ
ब्रह्म मुहूर्त में सिंह साहब का निधन हो गया था। सूर्योदय होते-होते सारे मोहल्ले में समाचार फैल गया। ...और आगे

कविता

तू दानवीर, सच्चा दाता तू दानवीर, सच्चा दाता
तू दानवीर, सच्चा दाता तू आया मेरे द्वार स्वयं सच्चे दाता का यही नियम तुझको देने का नहीं गर्व ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

प्रगतिशील और खुफिया बाबालोक प्रगतिशील और खुफिया बाबालोक
वह स्वभाव से प्रगतिशील है। उसके घर के सामने सरकारी जमीन है। उसने प्रगति की अपने घर की बाउंड्री में उसे शामिल करके। ...और आगे

ललित निबंध

ज्योति का गतिपथ ज्योति का गतिपथ
दीपावली ज्योति के बिंबों की लड़ी है। आज यथार्थ छवियों और चिह्नों में परिवर्तित होने लगा है। ...और आगे

व्यंग्य

थोड़ा इंतजार कीजिए थोड़ा इंतजार कीजिए
इंतजार (प्रतीक्षा) सभी को कभी-न-कभी करना ही पड़ता है, चाहे राजा हो या रंक। ...और आगे

लोक-साहित्य

लोकपर्व टेसू
टेसू पर्व भारत के कई प्रदेशों में विजयदशमी (दशहरे) के दूसरे दिन एकादशी से पूर्णिमा तक मनाया जाता है। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

मुझे क्षमा करें! मुझे क्षमा करें!
उजाले का चले आना इस ढलती शाम में भी होता है यह प्रेम का चले आना, उजाले का चले आना। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

भाषा और हँसी भाषा और हँसी
यह एक बढि़या मुकदमा है और अपरूप मुकदमा भी। ...और आगे

पुस्तक-अंश

सच्चे नागरिक को अपने कर्तव्य व जिम्मेदारियाँ समझनी चाहिए
अपनी मातृभूमि की पूर्ण रक्षा से बढ़कर सरदार पटेल के लिए कुछ नहीं है। ...और आगे

बाल-संसार

हजार हाथोंवाला हजार हाथोंवाला
इस बार मैंने सोच रखा था कि पूरी छुट्टी नानी के घर मौज-मस्ती में बिताऊँगा, पर किसमत की ऐसी मार कि वहाँ जाते ही बीमार पड़ गया। ...और आगे