August 2010, sahitya amrit
 कविता
कुछ मुक्तक / द्य रामदरश मिश्र
 कहानी
बेनाम रिश्ता / मृदुला सिन्हा
 गीत
चार गीत / देवेंद्र आर्य
 नवांकुर
चार कविताएँ / नेहा भारद्वाज
 प्रतिस्मृति
असाध्य वीणा / अज्ञेय
 राम झरोखे बैठ के
जैविक युग के अवतार / गोपाल चतुर्वेदी
 लोक-साहित्य
भोजपुरी लोकगीतों में पर्यावरण / ऋता शुक्ल
 

साहित्यिक पत्रिकाओं में साहित्य अमृत का नाम अब सर्वोपरि है। प्रसिद्ध विद्वान् तथा साहित्यकार स्व. पं. विद्यानिवास मिश्र के संपादकत्व में प्रारंभ हुई साहित्य अमृत पिछले पंद्रह वर्षों से यह नियमित रूप से पाठकों को श्रेष्ठ एवं सृजनात्मक साहित्य उपलब्ध करा रही है। सुप्रसिद्ध विधिवेत्ता एवं साहित्य-कलाप्रेमी डॉ.लक्ष्मीमल्ल सिंघवी भी दो वर्ष इसके प्रधान संपादक रहे। वर्तमान में कर्नाटक के पूर्व राज्यपाल तथा साहित्य-प्रेमी श्री त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी इसके प्रधान संपादक हैं। भारत सरकार के सभी मंत्रालयों , विभागों , बैंकों , सार्वजनिक उपक्रमों , स्कूल-कॉलेजों में यह बड़ी संख्या में भेजी जा रही है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय (भारत सरकार) , उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान , विदेश मंत्रालय आदि द्वारा इसकी प्रतियाँ देश-विदेशों में वितरित की जाती हैं।

 
 


May 2010