टप-टप-टप चू रहा पसीना

टप-टप-टप चू रहा पसीना

सुपरिचित लेखक। कविता, कहानी, लघुकथा, लेख एवं बाल कविता अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। ‘नव किरण’ मासिक ई-पत्रिका का संपादन। साहित्य सरोवर, साहित्य साधक अलंकार सम्मान सहित अनेक सम्मानों से सम्मानित।

 

गरमी का मौसम आया

गरमी का अब मौसम आया,

सूरज दादा ने रंग जमाया।

टप-टप-टप चू रहा पसीना,

गरमी ने खूब सितम है ढाया॥

आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक,

हम बच्चों की बन गई पसंद।

खीरा-ककड़ी अच्छा लगता,

सूरज दादा का चढ़ गया रंग॥

बरस रहा अब आग का गोला,

तन पर जैसे पड़ गया फफोला।

दोपहर में सड़कें हो गई हैं सूनी,

शाम को खेलें अब हम व भोला॥

शहर में सड़कों पर न मिले छाँव,

पैदल चलने में थक चुके हैं पाँव।

पेड़ काटकर बनाए जा रहे घर,

दूर-दूर तक दिखते न अब गाँव॥

अब नहीं रहा जमाना

शरबत और ठंडई का,

अब नहीं रहा जमाना।

गरमी में बच्चों को पसंद,

आइसक्रीम कुल्फी खाना॥

दही, छाछ और लस्सी,

बच्चों को अच्छे न लगते।

कोल्डड्रिंक यों गली-गली,

गाँव शहर में अब बिकते॥

पहले बिकते बर्फ टुकड़े,

अब कहीं न ये हैं दिखते।

कोल्डड्रिंक हैं मन पसंद,

बच्चे गट-गट खूब पीते॥

घड़े का पानी किसी घर में,

पीने को अब न मिलता।

गाँव से लेकर शहर तक,

बॉटल का पानी बिकता॥

शूरवीर महाराणा प्रताप

नौ मई को कुंभलगढ़ में,

इक वीर का जन्म हुआ।

राज्याभिषेक गोगुंदा में,

प्रताप नाम से अमर हुआ॥

ऐसे योद्धा को करूँ प्रणाम,

विश्वप्रसिद्ध जिसका नाम।

प्रताप जिसे हम कहते हैं,

अनुसरण उसी का करते हैं॥

भारत वर्ष में शायद ऐसे,

इकलौते प्रताप वीर हुए।

जीवन में मुगल अकबर की,

अधीनता न स्वीकार किए॥

उनका प्रिय घोड़ा चेतक था,

वह भी बहुत बहादुर था।

बैठाकर पीठ पर राणा को,

लंबी छलाँग लगाता था॥

दृढ़ संकल्पित ऐसा योद्धा,

जो भारत में जन्म लिया।

घास की रोटी खाकर भी,

दुश्मन से खूब संघर्ष किया॥

हल्दीघाटी का प्रसिद्ध युद्ध,

मुगलों की सेना बहुत भारी।

बीस हजार योद्धा से राणा ने,

अकबर को टक्कर दे मारी॥

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