एक बार फिर आओ गांधी

एक बार फिर आओ गांधी

उठो गांधी!

चलो मेरे साथ

दो-चार कदम

भारत की तसवीर को

देखने के लिए।

 

तुमने तो

भारत की आजादी का

स्वाद नहीं चखा,

दुश्मन ने तुम्हें मारकर

मौत की नींद सुला दिया।

तुम चले गए

भारत को छोड़कर

आज भारत के नेता

तेरा झूठा

गुणगान गा रहे हैं।

 

खुद ए.सी. में बैठकर

देश पर राज कर रहे हैं

और तुम्हें बुत बनाकर

सड़क पर खड़ा करके

तेरे नाम की झूठी माला जप रहे हैं।

देश से अब तक नहीं गई

गरीबी-भुखमरी।

आज देश

चंद पूँजीपतियों के हाथ की

कठपुतली बन गया है।

आज जाति-धर्म की

नफरत फैलाई जा रही है।

हिंदू-मुसलमान को

एक-दूजे से

लड़ाया जा रहा है।

सारे नेता बढ़-चढ़कर

बोली बोल रहे हैं,

रामनाम की झूठी

जयकारा लगा रहे हैं।

देश से

गरीबी-बेरोजगारी-भ्रष्टाचार

कुछ भी तो नहीं गया।

हर तरफ खून-खराबा

और हा-हाकार मचा है,

एक बार फिर आओ,

नेताओं से आजादी दिलवाओ

देश में रामराज्य लाओ।

गल्ला मंडी, पोस्ट-गोला बाजार

गोरखपुर-२७३४०८ (उ.प्र.)

दूरभाष : ०९८३८९११८३६

बद्री प्रसाद वर्मा ‘अनजान’

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