मोटा हाथी, मोटा हाथी

मोटा हाथी, मोटा हाथी

घुघुआमाना

पापा-पापा

आज नहीं मैं खाऊँगा

घर का खाना।

आलू का जो बना पराठा

मिरचा माहुर बहुत जियादा

बाहर मोटा टोपीवाला

बैठा कोई लाल पियादा

चाचा-चाचा

आज नहीं मैं जाऊँगा हाथीखाना।

नानी-नानी

प्यास लगी है पानी लाओ

टाफी चाहे नहीं खिलाओ

मुझे छोड़कर कहीं न जाओ

नाना-नाना

आज नहीं मैं खेलूँगा

घुघुआमाना।

मामी-मामी मुझे बताओ

मेरी माई कहाँ गई है

बिना बताए बिना कहे कुछ

बुढ़िया दाई कहाँ गई है?

चाची-चाची

आज नहीं मैं गाऊँगा

कोई गाना।

बकरी भागो

बकरी भागो आया शेर

जंगल बिल्कुल खाली-खाली

टूट गई है मोटी जाली

करो नहीं अब कोई देर।

देखो भालू भाग रहा है

शेर कुलाँचें मार रहा है

हिरनी को कर देगा ढेर।

हाथी सिर पर धूल चढ़ाता

छोटा हाथी है चिल्लाता

कौआ को है तनिक न फेर।

बिल से निकला काला अजगर

लंबाई है कुल दो गजभर

रहा नेवला नागिन घेर।

देखो-देखो दौड़ा घोड़ा

घुड़सवार है मारा कोड़ा

भैंस रही है पड़िया हेर।

मोटा हाथी

मोटा हाथी, मोटा हाथी

चला नहाने, मोटा हाथी।

मोटा हाथी सूँड़ डुबाया,

हाथीवाला है मुसकाया,

माँग रहा है लोटा हाथी,

मोटा हाथी, मोटा हाथी।

मोटा हाथी लादा हौदा,

हाथीवाला रोपा पौदा,

पीछे-पीछे छोटा हाथी,

मोटा हाथी, मोटा हाथी।

मोटा हाथी घर को भूला ,

बरगद पर है डाला झूला,

लगा रहा है झोटा हाथी,

मोटा हाथी, मोटा हाथी।

मोटा हाथी हुआ बिकाऊ,

नहीं रहा वह माल टिकाऊ,

बिका गया अब कोटा हाथी,

मोटा हाथी, मोटा हाथी।

अक्खो मक्खो

अक्खो मक्खो, अक्खो मक्खो

गुड़िया-गुड़िया दीप जलाओ

लाल मिरच का डब्बा लाओ

चुनमुन-चुनमुन शीश नवाओ

गरम छनौटा पास न रक्खो

अक्खो मक्खो, अक्खो मक्खो।

नजर लगी है नजर उतारो

नई सोच को डंडा मारो

चुनमुन-चुनमुन जीभ दिखाओ

लौंग मीठ है टुकड़ा चक्खो

अक्खो मक्खो, अक्खो मक्खो।

देखो आई बिसकुट वाली

जग्गन दौड़ा लेकर बाली

चुनमुन-चुनमुन आदत डालो

अक्कट-बक्कट कभी न चक्खो

अक्खो मक्खो, अक्खो मक्खो।

चों-चों-चों-पों-पों-पों

चरखा बोला चों-चों-चों

उड़ा पपीहा पों-पों-पों

चों-चों-चों-पों-पों-पों

भागा-भागा बगुला आया

मैनी को भी पास बुलाया

बया उड़ी है सों-सों-सों

चों-चों-चों-पों-पों-पों

गदहा बोला हेंको-हेंको

खरहा बोला कुरसी फेंको

कौआ बोला कों-कों-कों

चों-चों-चों-पों-पों-पों

चूहा अपना मारा पंजा

बिल्ली का सिर पूरा गंजा

बंदर बोला खों-खों-खों

चों-चों-चों-पों-पों-पों

गीदड़ बोला हूआँ-हूआँ

चिमनी ने है फेंका धूआँ

मेंढक बोला टों-टों-टों

चों-चों-चों-पों-पों-पों

अधुर नेवला दौड़ा आया

ताका-झाँका पूँछ हिलाया

साँप फुँकारा फों-फों-फों

चों-चों-चों-पों-पों-पों

गौरैया ने बीन बजाई

गूँज उठी पिक की शहनाई

कुतिया बोली भों-भों-भों

चों-चों-चों-पों-पों-पों

 ‘शिवाभा’, ए-२३३ गंगानगर

मेरठ-२५०००१ (उ.प्र.)

दूरभाष : ९४१२२१२२५५
शिवानंद सिंह ‘सहयोगी’

हमारे संकलन